Impulse Control Disease: Kleptomania

चोरी करने लगता है इंसान या लगा देता है आग, यहां जानें कैसे-कैसे Mental Disorder

आमतौर पर जब भी मेनिया की बात आती है तो हमे लगता है कि मेनिया मतलब, बड़ी-बड़ी बातें करना…खूब पैसा खर्च करना, बिना सोचे-समझे कुछ भी बोल देना आदि। ये तो वाकई मेनिया हैं। लेकिन कुछ ऐसे Mental disorder भी हैं, जिनके नाम में मेनिया शब्द का इस्तेमाल होता है लेकिन ये मेनिया से अधिक नुकसानदायक होते हैं। इन्हें इंपल्स कंट्रोल डिसऑर्डर कहा जाता है।

मेनिया किसी एक तरह का नहीं होता और ना ही ऐसा है कि मेनिया सिर्फ किसी काम को अति में करने को कहा जाता है। आपको शायद जानकर अजीब लगेगा लेकिन कुछ लोगों की चोरी करने की आदत और कुछ लोगों की हर समय किसी चीज में आग लगा देने के बारे में सोचना भी एक तरह का मेनिया होता है, जो वास्तव में मेंटल डिसऑर्डर (Mental disorder) होते हैं। स्थिति खतरनाक तब हो जाती है जब चोरी के बारे में सोचनेवाला व्यक्ति और आग लगाने के बारे में सोचने वाला व्यक्ति इन कामों को करने लगते हैं। यानी चोरी करना, आग लगाना या सेक्स की लत हो जाना।

करना है मजबूरी

खास बात यह है कि जो लोग इस तरह के डिसऑर्डर से ग्रसित होते हैं, उनके के लिए वह काम करना मजबूरी बन जाता है। अगर वे अपने आपको ऐसा करने से रोकते हैं तो उन्हें बेचैनी, अनइजिनेस और नर्वसनेस होने लगती है। इसलिए मजबूरी में उसे वह काम करना पडता है। हालांकि वह समझ रहा होता है कि वह जो काम कर रहा है, वह गलत है।

सिचुएशन बेस्ड होता है यह

ऐसा नहीं है कि मेनिया का असर 24 घंटे रहता है। अलग-अलग मेनिया से जुड़ी अलग-अलग सिचुएशंस होती हैं और ग्रसित व्यक्ति इन्हीं के अनुरूप काम करने लगता है। वैसे तो मेनिया सैकड़ों प्रकार के होते हैं। लेकिन हम यहां उन खास मेनिया के बारे में बात करेंगे जो कुछ कंडीशंस में जानलेवा भी साबित हो सकते हैं।

डिप्सोमेनिया

यह शराब पीने की लत से जुड़ा एक डिसऑर्डर है। इससे ग्रसित व्यक्ति जब शराब पीना शुरू करता है तो तीनों समय और कई दिन तक लगातार शराब ही पीता रहता है। जब भी होश में आता है फिर पी लेता है और फिर एकाएक पीना छोड़ देता है। यह फेज उसकी लाइफ में बार-बार आता है और जब भी आता है वह इसी तरह पीता है। इस फेज का ड्यूरेशन अलग-अलग इंसान की लाइफ में अलग-अलग हो सकता है।

पायरोमेनिया

यह एक ऐसा डिसऑर्डर है जिसमें व्यक्ति को आग लगाने का मन करता है। हालांकि उसे समझ होत है कि आग लगाना खरतनाक हो सकता है लेकिन फिर भी वह खुद को ऐसा करने से रोक नहीं पाता है। और मौका मिलते ही किसी भी चीज को जला देता है। हालांकि इससे ग्रसित व्यक्ति बार-बार ऐसा नहीं करता लेकिन उसके मन में ऐसा करने के खयाल बार-बार आते रहते हैं।

निंफोमेनिया

यह एक ऐसा डिसऑर्डर है जिसमें सेक्स करने की इच्छा बहुत तीव्र होती है। निंफोमेनिया आमतौर पर फीमेल्स में होता है और इसमें एक्सेस लिबिडो यानी सेक्शुअल डिजायर होती है। इसे सेक्स एडिक्शन भी माना जाता है। जब यह मेनिया पुरुषों में होता है तो इसे सैटराइसिस कहते हैं। पुरुषों में भी यह इतना ही प्रभावी होता है। इस डिसऑर्डर से पीड़ित लोग सेक्स करने की इच्छा पर कंट्रोल नहीं रख पाते हैं।

ट्राईकोटियोमेनिया

इससे ग्रसित व्यक्ति हर समय अपने शरीर के बाल खींचता रहता है या नोचता रहता है। इसमें सिर के बाल, पलकों के बाल, नाक के बाल, मूंछ खे बाल आदि शामिल हैं। इस डिसऑर्डर से ग्रसित व्यक्ति कई बार गंजा तक हो जाता है। क्योंकि ये अपने बालों को रूट से उखाड़ते हैं और अगर बाल ना उखड़े तो इन्हें बेचैनी होने लगती है।
क्लिप्टोमेनियायह एक ऐसा डिसऑर्डर है, जिसमें व्यक्ति को चोरी करने की इच्छा होती है। इसमें डाका डालना शामिल नहीं है, हम शॉप लिफ्टिंग की बात कर रहे हैं। यानी ग्रसित व्यक्ति किसी दुकान में कोई सामान देखने के लिए जाता है लेकिन कोई भी महंगी चीज पसंद आने पर चुराकर ले आता है। इस स्थिति में भी उसे समझ आ रहा होता है कि वह, जो कर रहा है वो गलत है लेकिन ऐसा करने से खुद को रोक नहीं पाता। इसमें ऐसे लोग भी शामिल होते हैं, जिनके पास पैसे की कोई कमी नहीं होती। इसलिए ऐसा नहीं है कि यह इकनॉमिकली वीक लोगों को ही होती है।

इरोटोमेनिया

इरोटोमेनिया एक तरह का डिसऑर्डर होता है, जिसमें कि ग्रसित व्यक्ति अपने से ऊपर के स्टेटस वाले व्यक्ति से प्यार करने लग जाता है। साथ ही उसकी ऐक्टिविटीज में वो शख्सियत शामिल होने लगती है। इसे आप आसान शब्दों में इस तरह समझ सकते हैं कि यह एकतरफा प्यार होता है, जिसमें एक सामान्य इंसान को ऊंचे स्टेटस वाले व्यक्ति से प्यार हो जाता है। वह उसे मेल, लैटर, ग्रीटिंग्स भेजता रहता है और मना करने या समझाने पर भी उसे यह बात समझ में नहीं आती है।
ट्रीटमेंटइन सभी डिसऑडर्स का ट्रीटमेंट संभव है। अगर आपके रिलेशन में किसी भी व्यक्ति को इस तरह की समस्या है तो साइकाइट्रिस्ट या साइकॉलजिस्ट से संपर्क करें। कुछ दवाइयों और कुछ थेरपीज के जरिए इन सभी डिसऑडर्स को दूर किया जा सकता है। हो सकता है आपके डॉक्टर पेशंट के लिए साइकोथेरपी सजेस्ट करें। इससे घबराएं नहीं। थेरपीज की मदद से डिसऑर्डर को आसान से कंट्रोल किया जा सकता है।

ट्रीटमेंट

इन सभी डिसऑडर्स का ट्रीटमेंट संभव है। अगर आपके रिलेशन में किसी भी व्यक्ति को इस तरह की समस्या है तो साइकाइट्रिस्ट या साइकॉलजिस्ट से संपर्क करें। कुछ दवाइयों और कुछ थेरपीज के जरिए इन सभी डिसऑडर्स को दूर किया जा सकता है। हो सकता है आपके डॉक्टर पेशंट के लिए साइकोथेरपी सजेस्ट करें। इससे घबराएं नहीं। थेरपीज की मदद से डिसऑर्डर को आसान से कंट्रोल किया जा सकता है।

About udgam

UDGAM is amongst Delhi's leading providers of Advanced Child and Adolescents Mental Health and Well-Being Services. UDGAM is founded by a group of mental health professionals who believe that the right interventions at the right time for persons with difficulties related to mental health, emotional management, and behavioral problems can bring impactful changes in their life. Our objective is to provide quality care, support, intervention, and multidisciplinary services for the various psychological, and behavioral issues, that a person experiences.